कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं मिला न्याय:दलित परिवार की जमीन पर कब्जा हटाने नहीं पहुंचे अधिकारी, कलेक्ट्रेट पर धरना
कोटपूतली में नारायणपुर के चैनपुरा गांव में दलित परिवार की जमीन पर कब्जा हटाने के कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता के विरोध में बुधवार को कोटपूतली कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन हुआ। इस विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोर्ट के निर्देशानुसार दलित समाज की भूमि से अवैध कब्जा हटाकर उसे पुनः सौंपा जाना था, लेकिन निर्धारित समय पर न तहसीलदार पहुंचे और न ही अन्य राजस्व अधिकारी। जब ग्रामीणों ने कारण पूछा तो बाद में आए अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि स्टे आ गया है।प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार की भूमिका की जांच कराने की मांग करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। देर शाम पूर्व उद्योग मंत्री शकुंतला रावत भी मौके पर पहुंचीं और डीएम कल्पना अग्रवाल से मुलाकात कर ग्रामीणों की बात रखी।
पूर्व मंत्री रावत ने इसे दलित समाज की जमीन से जुड़ा संवेदनशील मामला बताया और तहसीलदार के खिलाफ सख्त जांच की मांग की। कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नारायणपुर तहसीलदार की देरी को लेकर जांच के आदेश जारी कर जांच अधिकारी नियुक्त किया।
कलेक्टर के आश्वासन के बाद धरना देर रात शांतिपूर्वक समाप्त हो गया। पूर्व मंत्री रावत ने कहा-यह मामला सामाजिक न्याय से जुड़ा है। कोर्ट के आदेश की अवहेलना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है। हमने सख्त कार्रवाई की मांग की है और कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी की जांच का आश्वासन दिया है।
सौजन्य :दैनिक भास्कर
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