भीम आर्मी ने दलित अत्याचारों पर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा:सादाबाद में देशभर में बढ़ते अपराधों पर सख्त कार्रवाई की मांग की
सादाबाद में भीम आर्मी जय भीम संगठन ने दलितों, पिछड़े, अल्पसंख्यक और आदिवासी वर्गों पर बढ़ते अत्याचारों के विरोध में एसडीएम मनीष चौधरी को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित था। ज्ञापन में देशभर में दलितों के खिलाफ हुई हत्या, दुष्कर्म और भेदभाव की घटनाओं पर कठोर कार्रवाई और अधिकतम सजा की मांग की गई है।
इसमें सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर हुए कथित हमले का भी जिक्र किया गया है। संगठन ने सरकार से सभी प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की है। संगठन ने ज्ञापन में कई विशिष्ट घटनाओं का उल्लेख किया।
इनमें हरियाणा के एक सीनियर आईपीएस अधिकारी की कथित साजिशन हत्या, ग्वालियर में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर पर अभद्र टिप्पणी करने वाले अनिल मिश्रा के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की मांग शामिल है। अन्य घटनाओं में लखनऊ में दलित छात्रा का गैंगरेप, बरेली में दलित युवती का रेप और हत्या, संभल में दलित व्यक्ति की हत्या, हिसार के मिर्चपुर कांड में दलितों का पलायन और उनके घरों को जलाना, तथा राजस्थान में घोड़ी पर चढ़ने से रोकने और जाति उत्पीड़न के मामले शामिल हैं।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा में दलित युवक जगदीश चंद्र की हत्या के आरोपी को सजा दिलाने और पहाड़ी क्षेत्र के दलितों को स्थायी निवासी व स्थायी मकान बनाने जैसी समस्याओं के निस्तारण की भी मांग की गई। बिहार के नवादा में दलितों के 80 घर जलाने, झारखंड में महुआ पर रोक हटाने, और बंगाल में दलितों के साथ छुआछूत व भेदभाव रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की अपील की गई।
इसके अतिरिक्त, कर्नाटक के कोप्पल में दलितों के साथ हुई हिंसा, गुजरात के संतरामपुर में दलित युवती के साथ 11 दिन तक गैंगरेप, अमरेली में दलित युवक की दिनदहाड़े हत्या, और पंजाब में दलित युवक के हाथ काटने जैसी घटनाओं के दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई। संगठन ने देश में मुस्लिम समाज पर झूठे मुकदमों और जाति-धर्म के आधार पर उत्पीड़न को रोकने की भी अपील की। इस अवसर पर संगठन के जिलाध्यक्ष ललित आर्य सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
सौजन्य :दैनिक भास्कर
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