जब मैंने ठान लिया कि जहां अपमान मिले, वहां जाना ही नहीं है : बी.आर. विप्लवी
“किसी के यहां बच्चे की पैदाइश होती थी तो वहां नर्सिंग का काम हमारे घर की औरतें करती थीं। बच्चा पैदा कराना तथा जच्चा और बच्चों की बारह दिनों तक सेवा करना। इसमें जच्चा-बच्चा के मल-मूत्र को हांडियों में इकट्ठा […]






