पहले दलित गर्भवती महिला की लात मारकर ले ली जान, फिर पुलिस वालों ने जबरदस्ती जलाया शव

बाराबंकी : पुलिस, जिसे जनता की रक्षा के लिए जाना जाता है लेकिन आज यह रक्षक ही सबसे बड़े भक्षक बन बैठे हैं। एक बार फिर यूपी पुलिस का एक खौफनाक चेहरा सामने आया है। पहले तो दबिश देने आई पुलिस की बर्बरता से दलित गर्भवती महिला की मौत हो गई और उसके बाद पुलिस के आला अधिकारी उसकी मौत का सौदा करते रहे। जमीन और पैसे का लालच देने के बाद भी जब मृतक के परिजन नहीं माने तो पुलिस ने खाकी पर लगा दाग मिटाने के लिए ऐसा घिनौना काम कर डाला, जिसकी इजाजत न तो कानून देता है और न ही समाज। परिजनों के सामने ही पुलिस ने जबरन शव को अपने कब्जे में लेकर देर रात उसका अंतिम संस्कार करा दिया और अब पुलिस उल्टे ही पति को ही पत्नी का हत्यारा साबित करने के कुचक्र में जुट गई है।

पुलिस ने मारी थी दलित गर्भवती महिला को लात

आपको बताते चलें कि बाराबंकी के असन्द्रा थाने की पुलिस मृतका रूचि रावत के घर अवैध कच्ची शराब के शक में दबिश देने पहुंची थी। जहां पुलिस से घबराकर भाग रही 9 महीने की गर्भवती रुचि को पुलिस ने जोर से लात मार दी, जिससे रुचि गिर पड़ी और फिर चोट लगने की वजह से जच्चा और बच्चा दोनों की ही मौके पर मौत हो गयी थी। रुचि की मौत होते ही पुलिस के आलाधिकारियों के होश उड़ गए और तभी से पुलिस इस पूरे मामले को झूठा साबित करने की कवायद में जुट गई थी।

पुलिस ने जबर्दस्ती किया अंतिम संस्कार

मृतका के परिजन रो- रो कर इंसाफ की दुहाई देते रहे लेकिन इंसान से हैवान बन चुकी बाराबंकी पुलिस का दिल नहीं पसीजा और फिर शव के पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचने पर पुलिस ने शव के अंतिम संस्कार को जल्द से जल्दी कराई और अपने दमन पर लगी खून की छीटें साफ करने में लगी रही। इसके लिए पहले तो मृतका के पति को जमीन और पैसे का लालच दिया गया। लेकिन जब वह नहीं माना और अपनी रिपोर्ट दर्ज करने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़ा रहा तो आखिर में जबरन कई थानों की फोर्स, सीओ और एसडीएम ने अपनी मौजूदगी में मृतका के शव का परिजनों की इच्छा के बगैर ही दाह संस्कार करवा दिया। जिसकी इजाजत न तो समाज देता है और न ही कानून।

महिला के पति को फंसाने में जुटी पुलिस

वहीं बाराबंकी पुलिस न्याय दिलाने और कार्रवाई करने की बजाय अब उल्टे ही दलित मृतका रुचि के पति अरविंद को उसकी हत्या करने के आरोप में फंसाने के षड्यंत्र में जुट गई है और इसके लिए जिले के आलाधिकारी बाकायदा योजना तैयार कर रहे हैं। मानवता का गला घोंटने वाले इन अधिकारियों को इस बात का भी दुख नहीं कि इस वारदात ने दो जिंदगियां खत्म कर दी हैं और न जाने कितनी जिंदगियां जीते जी मौत के मुहाने पर खड़ी हैं।

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